Good Farmer – Agriculture Notes, Quiz & Exams

राजस्थान प्राकृतिक खेती योजना 2025: 2.25 लाख किसानों को मुफ्त जैविक प्रमाणन

राजस्थान प्राकृतिक खेती योजना 2025: 2.25 लाख किसानों को मुफ्त जैविक प्रमाणन

राजस्थान प्राकृतिक खेती योजना 2025: 2.25 लाख किसानों को मिलेगा मुफ्त जैविक प्रमाणन

📍 कोटा | 🗓 18 दिसंबर 2025

राजस्थान प्राकृतिक खेती योजना 2025

राजस्थान सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती योजना 2025 की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत सवा दो लाख से अधिक किसानों को निशुल्क जैविक प्रमाणन प्रदान किया जाएगा।

📌 योजना का मुख्य उद्देश्य

  • रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देना
  • मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना
  • किसानों की उत्पादन लागत कम करना
  • फसलों का बेहतर बाजार मूल्य दिलाना

🌾 क्लस्टर प्रणाली कैसे काम करेगी?

राज्य के सभी जिलों में 30 से 90 क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक क्लस्टर में 125 किसान शामिल होंगे। इन क्लस्टरों के माध्यम से प्रशिक्षण, प्रमाणन और तकनीकी सहायता दी जाएगी।

💰 आर्थिक सहायता का विवरण

लाभ विवरण
जैविक प्रमाणन पहली बार पूरी तरह मुफ्त
आर्थिक सहायता ₹5000 प्रति वर्ष (3 साल)
प्रशिक्षण सरकारी विशेषज्ञों द्वारा

🌱 खेत में ही खाद तैयार करने पर अनुदान

सरकार किसानों को जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत जैसी जैविक खादें खेत पर ही बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। इसके लिए अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

📍 किन जिलों में लागू है योजना?

कोटा, जैसलमेर, जयपुर, जोधपुर, नागौर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सीकर, अलवर, टोंक सहित राजस्थान के कई जिलों में यह योजना लागू की जा चुकी है।

✅ किसानों को मिलने वाले फायदे

  • स्वस्थ और सुरक्षित फसल उत्पादन
  • जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग
  • लंबे समय तक मिट्टी की गुणवत्ता
  • सरकारी सहायता और प्रशिक्षण

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: क्या सभी किसान इस योजना के लिए पात्र हैं?

उत्तर: हां, जो किसान प्राकृतिक खेती अपनाना चाहते हैं वे पात्र हैं।

प्रश्न: दूसरी बार प्रमाणन पर फीस क्यों लगेगी?

उत्तर: योजना को लंबे समय तक चलाने के लिए न्यूनतम शुल्क निर्धारित किया गया है।

📢 निष्कर्ष

राजस्थान की यह योजना किसानों के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। प्राकृतिक खेती से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।


🔔 डिस्क्लेमर: यह लेख समाचार स्रोतों पर आधारित है। योजना से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइट या कृषि विभाग से संपर्क करें।