राजस्थान में पठार | Rajasthan Plateau in Hindi | सम्पूर्ण जानकारी
🏔️ राजस्थान में पठार: प्रमुख पठार, स्थान और भौगोलिक विशेषताएँ
राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ मरुस्थल, पर्वत, मैदान और पठार सभी प्रकार की स्थलाकृतियाँ पाई जाती हैं। राजस्थान के पठार भौगोलिक, कृषि, खनिज और प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
📌 पठार क्या होता है?
पठार वह भू-भाग होता है जो अपने आसपास के क्षेत्र से ऊँचा होता है, लेकिन उसका ऊपरी भाग समतल होता है। पठार प्रायः खनिज संसाधनों से समृद्ध होते हैं और कई नदियों का उद्गम स्थल भी होते हैं।
🗺️ राजस्थान के प्रमुख पठार
1️⃣ उडिया का पठार – माउंट आबू (सिरोही)
- राजस्थान का सबसे ऊँचा पठार
- अरावली पर्वतमाला का हिस्सा
- यहाँ गुरु शिखर स्थित है
- पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध
2️⃣ आबू का पठार – माउंट आबू (सिरोही)
- अरावली पर्वत श्रेणी में स्थित
- दिलवाड़ा जैन मंदिर प्रसिद्ध
- शीतल जलवायु
- जैव विविधता से भरपूर
3️⃣ कांकनवाड़ी का पठार – सरिस्का (अलवर)
- सरिस्का टाइगर रिज़र्व क्षेत्र
- वन्य जीवों की बहुलता
- अरावली का विस्तार
4️⃣ लसाड़िया का पठार – जयसमंद (सलूंबर)
- उदयपुर संभाग में स्थित
- कृषि योग्य भूमि
- जयसमंद झील के पास
5️⃣ मेसा का पठार – चित्तौड़गढ़
- दक्षिण-पूर्वी राजस्थान
- काली मिट्टी पाई जाती है
- कपास व सोयाबीन की खेती
6️⃣ भोराट का पठार – गोगुंदा / कुंभलगढ़
- अरावली पर्वतमाला में स्थित
- कुंभलगढ़ दुर्ग यहीं है
- ठंडा और ऊँचा क्षेत्र
7️⃣ हाड़ौती का पठार – कोटा, बूंदी, झालावाड़
- चंबल नदी का क्षेत्र
- राजस्थान का चावल का कटोरा
- अत्यंत उपजाऊ भूमि
🌱 राजस्थान के पठारों का महत्व
- कृषि उत्पादन में वृद्धि
- खनिज संसाधनों की उपलब्धता
- नदियों का उद्गम स्थल
- पर्यटन और रोजगार
- पर्यावरण संतुलन
📚 प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- सबसे ऊँचा पठार – उडिया का पठार
- चंबल नदी क्षेत्र – हाड़ौती का पठार
- अरावली से संबंधित – आबू, भोराट पठार
- काली मिट्टी – मेसा और हाड़ौती पठार
📝 निष्कर्ष
राजस्थान के पठार राज्य की भौगोलिक पहचान हैं। ये पठार कृषि, पर्यटन, खनिज और शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह विषय बहुत उपयोगी है।
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